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भूटान में 5.6 तीव्रता का भूकंप, भारत के कई राज्यों में भी झटके; चीन, नेपाल और बांग्लादेश भी दहले

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jun 07, 2026 11:58 pm IST,  Updated : Jun 08, 2026 12:04 am IST

भूटान में देर रात 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के भी कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा चीन, नेपाल और बांग्लादेश की धरती भी कांप उठी।

भूटान में था भूकंप का केंद्र।- India TV Hindi
भूटान में था भूकंप का केंद्र। Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, रविवार देर रात भूटान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश, नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। यह भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब 11:06 बजे भूटान के पुनाखा के पास आया। एंड्रॉइड भूकंप चेतावनी प्रणाली के अनुसार इसकी तीव्रता लगभग 5.6 थी। इसका केंद्र असम के कुछ हिस्सों से लगभग 252 किलोमीटर दूर स्थित था और असम और मेघालय सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों में इसके झटके महसूस किए गए।

भारत के कई राज्यों में झटके

बता दें कि भूकंप के झटके पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप आने की वजह से कुछ निवासियों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए। पूर्वोत्तर भारत के कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना दी। तत्काल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। फिलहाल अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बता दें कि भूटान भूकंपीय रूप से सक्रिय हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों का लगातार टकराव होता रहता है, जिससे यह क्षेत्र अक्सर भूकंपों के लिए प्रवण रहता है। 

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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